Tuesday, September 28, 2021

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इतिहास के पन्नों में: 20 मार्च

'बहरों को सुनाने के लिए धमाके की जरूरत' 07 अक्टूबर 1930 को सांडर्स हत्याकांड में भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव को फांसी की सजा सुनाई गयी। इन पर...

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इतिहास के पन्नों में: 20 मार्च

सुधारवादी आंदोलन का चेहरा राजा राममोहन राय का निधनः भारतीय पुनर्जागरण के अग्रदूत राजा राममोहन राय का 27 सितंबर 1833 को निधन हो गया। भारतीय सामाजिक व धार्मिक...

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इतिहास के पन्नों में: 20 मार्च

हर फिक्र को धुएं में उड़ाता चला गया देव आनंद अथवा ‘देवानंद’ यूं ही सदाबहार नहीं कहे गए। खुद श्वेत-श्याम से शुरू कर रंगीन चित्रपट की दुनिया तक...

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इतिहास के पन्नों में: 20 मार्च

एकात्म मानववाद का विचार राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के विचारक और भारतीय जनसंघ के अध्यक्ष रहे पंडित दीनदयाल उपाध्याय का जन्म 25 सितंबर 1916 को हुआ। एकात्म मानववाद का...

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इतिहास के पन्नों में: 20 मार्च

उठने दे हुंकार हृदय से, जैसे वह उठना चाहे राष्ट्रीयता और जनपक्षधरता में भीगी रचनाओं के लिए जन-जन में लोकप्रिय हुए राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर का जन्म 23...

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इतिहास के पन्नों में: 20 मार्च

नानक कहत जगत सब मिथ्या, ज्यों सुपना रैनाई सिख धर्म के संस्थापक गुरुनानक देव जी ने 22 सितंबर 1539 को करतारपुर में अपना शरीर त्यागा था। गुरुनानक का...

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इतिहास के पन्नों में: 20 मार्च

संसार को शांति का संदेश निरंतर बढ़ती हिंसा, तनाव, वैमनस्यता और बाजारवाद की विकृतियों के बीच दुनिया को जिस बेशकीमती चीज की सबसे ज्यादा जरूरत है, वह है-...

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इतिहास के पन्नों में: 20 मार्च

पुरी पर अंग्रेजों का कब्जा अपनी भव्यता के लिए सुप्रसिद्ध ओडिशा के जगन्नाथ पुरी मंदिर पर 18 सितंबर 1803 को अंग्रेजों ने कब्जा कर लिया। दरअसल, 1757 के...

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इतिहास के पन्नों में: 20 मार्च

'आठवां सुर' उस्ताद बड़े गुलाम अली खां ने उन्हें 'सुस्वरलक्ष्मी' कहा तो लता मंगेशकर के लिए वे 'तपस्विनी' और किशोरी आमोनकर के लिए 'आठवां सुर' थीं, जो संगीत...

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इतिहास के पन्नों में: 20 मार्च

एक तपस्वी अभियंता का जन्म 15 सितंबर 1860 को देश के महान अभियंता सर मोक्षगुंंडम विश्वेश्वरैय्या का मैसूर (कर्नाटक) के कोलार जिले के चिक्काबल्लापुर तालुक के एक तेलुगु...

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